प्रसारण पत्रकारिता
प्रसारण अपने महत्व, पहुंच और प्रभाव के कारण भारत में जनसंचार का सबसे ससक्त माध्यम है
रेडियो
1924 में मुंबई और कोलकाता में एक निजी रेडियो सेवा ने प्रसारण शुरू किया। लेकिन वित्तीय कमियों के चलते ब्रिटिश सरकार ने इसका अधिग्रहण कर लिया और 1936 में इसका नाम रखा आल इंडिया रेडियो (AIR)। 1957 में इसे 'आकाशवाणी ' नाम दिया गया। 1947 में छह स्टेशन से इसका विस्तार कर नब्बे के दशक के अंत तक 147 प्रसारण स्टेशन किया गया। 1967 में व्यावसायिक रेडियो सेवा शुरू की गई और विविध भारती के रूप में इसका संचालन किया गया। नब्बे के दशक के अंत तक व्यावसायिक सेवा निजी प्रसारकों (एएम और एफएम स्टेशन) के लिए खोली गई। आज भी रेडियो की पहुंच व्यापक है और यह संचार के समान्तर राह में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ बराबरी में चल रहा है। उदाहरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो के माध्यम से अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन के बात में लोगो को संबोधित करते है और उन्हें देश के मामलो में शामिल करते है।
एआईआर ने भारत के बाहर के श्रेताओँ के लिए अपना पहला प्रसारण एक अक्टूबर 1939 को किया। आज इसकी विदेशी प्रसारण सेवा रोजाना 57 ट्रांसमिशन में करीब 72 घंटे चलती है जिसमे 108 से ज्यादा देश शामिल है। इसका प्रसारण 27 भाषाओँ में होता है जिसमें 15 विदेशी और 12 भारतीय है।
टेलीविज़न
भारत में टेलीविज़न का प्रायोगिक प्रसरण 15 सितम्बर 1959 को दिल्ली में शुरू हुआ। रोजाना नियमित प्रसारण 1965 में आल इंडिया रेडियो के हिस्से के तौर पर शुरू हुआ। इसके बाद टीवी प्रसारण वाला दूसरा शहर बॉम्बे हुआ जहा दो अक्टूबर 1972 को यह शुरू हुआ । 1975 तक भारत केवल सात शहरों में टेलीविजन सेवा थी । 1976 में टेलीविजन सेवा को रेडियो से अलग कर दिया गया। टीवी का राष्ट्रीय प्रसारण 1982 में शुरू हुआ । उसी वर्ष एशियाई खेलों के दौरान रंगीन टेलीविजन भारत में आया । इसी बीच 1975 में नासा और इसरो ने संयुक्त रूप से सेटेलाइट इंस्ट्रक्शनल टेलीविजन एक्सपेरिमेंट ( एसआईटीई ) लांच किया । शैक्षणिक प्रसारण के इस कार्यक्रम में 2,400 गांवों को शामिल किया गया । इस तरह भारत सेटेलाइट टेलीविजन वाला पहला देश बन गया । सेटेलाइट टेलीविजन आज आम बात है । चीन , कनाडा और लैटिन अमेरिका में सेटेलाइट टेलीविजन की तकनीक में और सुधार किया गया ( भारतीय प्रयोग 1976 में खत्म हो गया ) और इन कई परीक्षणों ने टेलीविजन प्रसारण के लिए सेटेलाइट तकनीक के व्यावसायिक इस्तेमाल का रास्ता खोला । भारत में टीवी का एकमात्र निर्माता एवं प्रसारणकर्ता सरकार के नियंत्रण वाला दूरदर्शन था । उसने रामायण आयर महाभारत जैसे मेगा सीरियल का निर्माण और प्रसारण किया जिससे उसने व्यूअरशिप का विश्व रिकॉर्ड बनाया । 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंह राव के नेतृत्व में कई सुधार कार्यक्रम शुरू हुए जिसके फलस्वरूप निजी और विदेशी टीवी प्रसारकों को सीमित संचालन की अनुमति दी गई । इसके बाद सरकार ने अपने प्रसारण क्षेत्र का विस्तार किया । फिर सीएनएन , स्टार टीवी जैसे विदेशी चैनल और जीटीवी , ईटीवी और सन टीवी जैसे घरेलू निजी टीवी चैनल शुरू हुए और उन्होंने सेटेलाइट प्रसारण में वर्चस्व कायम कर लिया ।
दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले टीवी चैनल:-
1. बीबीसी न्यूज
2. ईएसपीएन
3. एचबीओ
4. सीडब्ल्यू
5. चैनल V
6. बीबीसी फूड
7. स्टार वर्ल्ड
8. डिज्नी चैनल
9. एएक्सएन
10. सी . एन .
11. एमटीवी
12. स्टार स्पोर्ट्स
13. नेशनल जियोग्राफिक चैनल
14. बीबीसी वन
भारत में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध टीवी चौनल :-
1. स्टार प्लस
2. सोनी एंटरटेनमेंट
3. जी टीवी
4. जी सिनेमा
5. स्टार गोल्ड
6. सब टीवी
7. स्टार टीवी
8. कलर्स टीवी
9. सेट मैक्स
10. जेंगा टीवी
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